–सुर्य प्रसाद घिमिरे
लड् भाई लड
कोही रोटी सँग लड
कोही बेटी सँग लड
कोही पिसी सँग लड
कोही सि सि सँग लड
लड् भाइ लड् ……. १
लड् भाई लड
कोही सिँह सँग लड
कोही सित्ताङ् सँग लड
कोही सलह सँग लड
कोही सत्ता सँग लड्
लड् भाइ लड ……२
लड भाई लड
कोहि सँन्धी सँग लड
कोहि सम्झौता सँग लड
कोहि राहात सँग लड
कोहि घात सँग लड
लड् भाइ लड ….. ३
लड भाई लड
कोहि एकता सँग लड
कोहि भित्ता सँग लड
कोहि ईष्ट सँग लड
कोहि किट्स सँग लड
लड् भाई लड …….४
लड भाई लड
कोहि झन्डा सँग लड
कोहि धन्दा सँग लड
कोहि वँश सँग लड
कोहि अँश सँग लड
कोहि गुट सँग लड
कोहि सुट सँग लड्
कोहि सारी सँग लड
कोहि जारि सँग लड
लड भाई लड
आजै लड् भोली आउदैन रे !
आउ छ त मर्ने बेला
कमिलाको प्वाख ,कमिलाको प्वाख ।
जय देश ,जय भेष जय स्वदेश ।
(बर्दिया राजापुर ३)